कल्पना कीजिए कि आप भारी बैग के साथ एक खड़ी पहाड़ी पर चढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन ऐसा महसूस हो रहा है मानो आप समतल सड़क पर चल रहे हों। यह कोई साइंस फिक्शन फिल्म नहीं, बल्कि Hypershell X Ultra का वादा है। BIKMAN TECH में हमने वियरेबल रोबोटिक्स के विकास को करीब से देखा है, और X Ultra ने इसमें एक नया मुकाम तय किया है। यह तकनीक अब सिर्फ मेडिकल रिहैब के दायरे से निकलकर शुद्ध एडवेंचर और आउटडोर प्रदर्शन के लिए तैयार हुई है—असल मायनों में यह आपके पैरों के लिए "ई-बाइक" बन गई है। इस ब्लॉग में हम बताएंगे कि कैसे यह हल्का, टाइटेनियम-मैटेल वाला एक्सोस्केलेटन आपकी पहाड़ों की यात्राओं को हमेशा के लिए बदल सकता है।
[डील देखने के लिए क्लिक करें]
1. उत्पाद की झलक: ओमेगा डिजाइन
Hypershell X Ultra में कंपनी का अनूठा "ओमेगा" आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया गया है। जहां पारंपरिक एक्सोस्केलेटन भारी लोड उठाने के लिए बनाए जाते हैं, वहीं X Ultra को फुर्ती और अपनी चाल में ताजगी के लिए डिजाइन किया गया है। हाइपरशेल ने बैटरी, मोटर और लॉजिक बोर्ड जैसी जरूरी चीजों को कमर (विशेषकर कूल्हे के आस-पास) में केंद्रित किया है, जिससे पहना हुआ डिवाइस बैकपैक जैसा नहीं, बल्कि आपके शरीर का हिस्सा लगने लगता है। इसका फायदा यह है कि लंबी चढ़ाई, ट्रेल रनिंग, या ट्रेकिंग में आपको फुर्ती और स्वभाविकता का महसूस होगा।
2. डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी
बाहर के रोमांच के लिए गियर की मजबूती जरूरी है। X Ultra का चेसिस SinterShell टाइटेनियम अलॉय और SpiralTwill 3000 कार्बन फाइबर से बना है—ये वही मैटेरियल्स हैं जिनका इस्तेमाल एयरोस्पेस और रेसिंग में होता है। टाइटेनियम जोड़ों में ज़बरदस्त सहनशक्ति है, तो वहीं कार्बन फाइबर "आर्म्स" हल्के रहते हुए स्थायित्व देते हैं। पूरा यूनिट सिर्फ लगभग 1.8 किलो (4 पाउंड) वजन का है, जिसे आसानी से बैग से बांधा जा सकता है।
मौसम से सुरक्षा के लिए इसमें IP54 रेटिंग है—मतलब यह धूल और छप-छप पानी (जैसे बारिश या पसीना) को आसानी से झेल सकता है, लेकिन इसे पानी में डुबोया नहीं जा सकता। कीचड़ भरी ट्रेल या बर्फीली चढ़ाई में यह पूरा साथ देगा, बस नदी पार करने में इसे उतार दें।
3. प्रदर्शन और M-One Ultra पावरट्रेन
इस डिवाइस का दिल है खुद का बनाया गया M-One Ultra पावरट्रेन। यह सिस्टम मिनिएचराइजेशन का कमाल है—1000 वॉट (1 kW) की पीक आउटपुट और 32 N·m टॉर्क देता है। तुलना करें तो, प्रोफेशनल साइक्लिस्ट भी मुश्किल से 400W घंटेभर चला पाते हैं—यह डिवाइस इससे दोगुना ताकत देता है, जिससे ऊंची चढ़ाई बेहद आसान हो जाती है। हमारे अध्ययन के अनुसार, यह टॉर्क करीब 30 किलो (66 पाउंड) का बैग उठाने की कैलोरी खपत को हमारे शरीर के लिए लगभग खत्म कर देता है।
AI MotionEngine Ultra
शक्ति तभी मायने रखती है जब नियंत्रण हो। AI MotionEngine Ultra इसका दिमाग है—12 अलग-अलग सेंसर (जैसे IMU और बैरोमीटर) की मदद से हर सेकंड हजारों बार डेटा प्रोसेस कर वह आपकी चाल और इरादे को पहचानता है। इसकी टेरैन के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता बेहतरीन है, जैसे बर्फ में 'स्नो मोड' या ढीले रेतीले रास्ते के लिए 'ड्यून मोड'।
4. तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स
-
पीक पावर: 1000 W
-
टॉर्क आउटपुट: 32 N·m
-
वजन (चेसिस): ~1.8 किलोग्राम (4 पाउंड)
-
बैटरी रेंज: इको मोड में 30 किमी (18.6 मील) तक
-
रिस्पॉन्स टाइम: 10 मिलीसेकंड लेटेंसी
-
अधिकतम सहायता गति: 25 किमी/घंटा (15.5 मील/घं)
-
IP रेटिंग: IP54 (धूल और छप-छप जल संरक्षण)
-
ऑपरेटिंग तापमान: -20°C से 60°C (-4°F से 140°F)
-
सामग्री: SinterShell टाइटेनियम अलॉय, SpiralTwill 3000 कार्बन फाइबर
5. बैटरी लाइफ और चार्जिंग
किसी भी वियरेबल डिवाइस की असली उपयोगिता उसकी बैटरी पर निर्भर है। X Ultra में हॉट-स्वैपेबल 5000 mAh बैटरियां हैं। हमारी जांच में "इको मोड" में 30 किमी (18.6 मील) तक की रेंज मिल जाती है, जो आमतौर पर एक दिन की ट्रेकिंग के लिए काफी है। हालांकि, अगर आप "हाइपर मोड" में उखी चढ़ाई करते हैं तो समय और रेंज घट जाती है—लगभग 5.3 किमी (3.3 मील) की लगातार सहायता मिलती है। इसकी सबसे खास बात है 65W USB-C PD चार्जिंग, जिससे लैपटॉप जैसे गैजेट के चार्जर से ही आप बैटरियां चार्ज कर सकते हैं—यात्रा में केबल्स का झंझट कम हो जाता है।
6. वास्तविक उपयोग और बायोमैकेनिक्स
क्या यह सच में कारगर है? कई टेस्ट में यह साबित हुआ है कि पहाड़ी चढ़ाई के दौरान ऑक्सीजन की खपत (VO2) 20% से अधिक कम होती है और साइक्लिंग करते समय लगभग 40% तक। इसका मतलब है अब ऊंचाई में भी कम मेहनत लगेगी—जैसे 4000 मीटर की चढ़ाई, पर 2500 मीटर जितना आसान। साथ ही "डिसेंट असिस्ट" फीचर उतरते समय आपके घुटनों पर भार कम करता है—यह उन ट्रेकर्स के लिए वरदान है जिन्हें घुटनों में दर्द की दिक्कत है।
7. कनेक्टिविटी और उपयोग में सरलता
Hypershell+ ऐप आपके डिवाइस की सेटिंग्स, अपग्रेड और कस्टमाइज़ेशन को आसान बनाता है। खास बात यह है कि एप्पल वॉच इंटीग्रेशन से आप अपनी कलाई से ही मोड बदल सकते हैं—मुश्किल चढ़ाई पर हाथों को आज़ाद रखते हुए। हालांकि, शुरुआती यूजर्स ने एंड्रॉयड में कभी-कभार ब्लूटूथ कनेक्टिविटी में कुछ समस्याएं बताई हैं, जिसमें डिवाइस रीस्टार्ट करना पड़ सकता है।
8. स्थायित्व और सस्टेनेबिलिटी
Hypershell X Ultra को प्लास्टिक गजेट नहीं बल्कि एक "ड्यूरबल गुड" के तौर पर पोज़िशन कर रहा है—जिसका लाइफस्पैन लगभग 4000 किमी (2,485 मील) है। टाइटेनियम व कार्बन फाइबर के इस्तेमाल से यह पसीना या जंग से खराब नहीं होगा। सच है, कार्बन फाइबर को रिसायकल करना मुश्किल है, पर इसकी लंबी लाइफ इसे सस्ते प्लास्टिक गीयर्स की तुलना में ज्यादा इको-फ्रेंडली बनाती है।
9. फायदे और कमियां
फायदे
-
पावर-टू-वेट रेशियो बेमिसाल: 1.8 किलो वजन में 1000W की ताकत सबसे आगे।
-
मजबूत निर्माण: टाइटेनियम और कार्बन फाइबर क्वालिटी शानदार और टिकाऊ।
-
बहुआयामी मोड्स: 12 अलग अलग मोड—ट्रेल रनिंग से साइक्लिंग तक, हर जरूरत के लिए।
-
घुटनों की सुरक्षा: उतराई में सक्रिय डैम्पिंग से घुटनों पर भार कम होता है।
कमियां
-
मोटर आवाज़: इसके मोटर्स की आवाज़ प्राकृतिक शांति में खलल डाल सकती है।
-
डेड वेट का अहसास: बैटरी खत्म हो जाए तो कमर पर भार अनुभव होगा।
-
ऐप की स्थिरता: कुछ यूजर्स को कनेक्टिविटी में समस्याएं आती हैं—सॉफ्टवेयर अभी भी निखर रहा है।
10. Hypershell X Ultra किसके लिए है?
Hypershell X Ultra उन लोगों के लिए आदर्श है, जो भारी फोटोग्राफर गियर उठाते हैं, उम्र के साथ ट्रेकिंग की स्पीड कम महसूस करते हैं या अल्पाइन एडवेंचर में नई सीमाएं छूना चाहते हैं। यह मानवीय क्षमता और यांत्रिक सहायता के बीच पुल बनाता है। हालांकि, यह फर्स्ट जेनरेशन टेक के हिसाब से कुछ खासियतें और कुछ कमियां लिए है, लेकिन जो भी इन्हें आजमाएगा उनके लिए यह पहाड़ों की दुनिया में क्रांतिकारी साबित होगा।
BIKMAN TECH में हमारा मानना है कि यह आउटडोर गियर की एक नई श्रेणी की शुरुआत है। यदि आप साइबोर्ग लाइफस्टाइल अपनाकर दुनिया को और करीब से देखना चाहते हैं, तो X Ultra आपके सफर के लिए तैयार है। फिट या बैटरी लाइफ को लेकर सवाल हैं? नीचे कमेंट करें!
[डील देखने के लिए क्लिक करें]
Hypershell X Ultra की और तस्वीरें